Mann
मन
बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना
अपने मन के भाव
अपने मन के भाव
मुश्किल है पर अन्दर रखना
बन जाएंगे वे घाव
इसिलिए तो है ये कलम
लिखती मन की बात
खुशी दुख अश्रु किलकारी
हर हाल में देती साथ
कलम के पास आते ही
मन हो जाता हल्का
कागज़ पर भावों के उतरते ही
दिल थोड़ा सा संभलता
फिर भी क्या हम लिख पाते हैं अंदर उठा सैलाब ?
बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना अपने मन के भाव
लिखती वही कलम
जो मन उससे लिखवाता
मन को सही गलत
है सब समझ में आता
मन के अंदर भी एक मन है, मन पे मन का दबाव
बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना अपने मन के भाव
मन कभी मन को समझाता
कलम कभी मन को समझाती
जो बात है दोनों मन में
क्यों नहीं वो कलम से बह पाती
दोनों मन के मिलने से ही जीवन में आएगा ठहराव
बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना अपने मन के भाव
कलम के पास आते ही
मन हो जाता हल्का
कागज़ पर भावों के उतरते ही
दिल थोड़ा सा संभलता
फिर भी क्या हम लिख पाते हैं अंदर उठा सैलाब ?
बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना अपने मन के भाव
लिखती वही कलम
जो मन उससे लिखवाता
मन को सही गलत
है सब समझ में आता
मन के अंदर भी एक मन है, मन पे मन का दबाव
बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना अपने मन के भाव
मन कभी मन को समझाता
कलम कभी मन को समझाती
जो बात है दोनों मन में
क्यों नहीं वो कलम से बह पाती
दोनों मन के मिलने से ही जीवन में आएगा ठहराव
बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना अपने मन के भाव
Really very nice mann k bol poetry.. . It is true.. बहुत कठिन है अभिव्यक्त करना अपने मन के भाव.. Beautiful 👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻
ReplyDeleteThnx😊
DeleteBilkul sahi
ReplyDeleteMast
True poetry ...from a true lady...👍
ReplyDeleteThnx🙏
Deleteवाह, बहुत सुंदर, मार्मिक
ReplyDeleteबहुत कठिन है अपने मन की बातों को अभिव्यक्त करना।
ReplyDeleteआपने सही शब्दों के साथअभिव्यक्त किया...
Beautiful lines
ReplyDeleteNice
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